कोरोना वायरस को रोकने के लिए जहां भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।जिसके लिए भारत सरकार ने सभी मोबाइलों पर कॉलर ट्यून भी जारी की है। कितने जागरुकता के कार्यक्रम कोरोना महामारी को रोकने के लिए चलाए जा रहे हैं। चौराहों पर भी ट्रैफिक नियंत्रण के लिए जो लाउड स्पीकर लगे हैं। उनसे भी कोरोना वायरस को रोकने के लिए जागरुक किया जा रहा है। भारत सरकार ने वैक्सीन भी बनाई है। कोरोना वायरस को रोकने के लिए लेकिन कुछ अधिकारी और नेता जी अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए लापरवाही बरत रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण 5 मार्च को नारायणा मेडिकल कॉलेज में वायरल वीडियो में देखने को मिला। जिसमें 9:00 बजे आम जनता को बुला लिया गया था। कोरोना वायरस से बचने के लिए बुजुर्ग लोग सुबह 8:30 बजे पहुंच गए। और 11:30 बजे नेता जी ने फीता काटकर वैक्सीन का उद्घाटन किया। सबसे बड़ी बात है। की कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए भीड़ नहीं होनी चाहिए। वहां इतनी भीड़ को क्यों जमा होने दिया गया। क्या इससे संक्रमण का खतरा नहीं फैलता है? भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए दिन रात प्रयास कर रहे हैं। अफवाहों को रोका जा रहा है। लेकिन कुछ अधिकारी और नेता जी अपनी नेतागिरी चमकाने में सारी मेहनत पर पलीता लगा रहे हैं। भगवान बचाए ऐसे अधिकारी और नेताओं से देश को।
Editor-In-Chief:- Naresh Singh


















