कानपुर :- कुली बाज़ार स्थित मस्जिद इनायत हुसैन के इमाम हाफिज़ वलीउद्दीन की दर्सगाह में 7 बच्चों द्वारा नाज़रा कुरआन पूरा होने पर जलसा तक्मीले कुरआन व इस्लाहे मुआशरा जमीअत उलमा के प्रदेश उपाध्यक्ष मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जिसमें शहर के विश्वसनीय उलमा ए किराम ने शिर्कत किया। इस अवसर पर अपने बयान में मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी ने समाज सुधार पर बात करते हुए कहा कि अल्लाह ने ईमान वालों के बारे में कहा है कि वह आपस में एक दूसरे के दोस्त हैं, आपस में एक दूसरे को अच्छी बातों का हुक्म करते हैं, बुरी बातों से रोकते हैं, नमाज़ क़ायम करते हैं, ज़कात अदा करते हैं, अल्लाह तआला उन लोगों से खुश होते हैं और अपनी रहमत नाज़िल फरमाते हैं। लिहाज़ा हर मुसलमान की यह ज़िम्मेदारी है कि वह खुद भी अच्छा बने और दूसरों को अच्छा बनाने की फिक्र करे। मौलाना ने नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की एक हदीस के हवाले से कहा कि हर मुसलमान के लिये यह ज़रूरी है कि जब वह किसी बुराई को होता हुआ देखे तो वह अपने हाथ से रोके, हाथ से नहीं रोक सकता तो ज़बान से रोके, अगर यह भी नहीं कर सकता तो कम से कम बुराई को दिल से बुरा समझे और यह इमान का सबसे छोटा दर्जा है।
जामा मस्जिद लाल बंगला के इमाम व खतीब मौलाना खलील अहमद मज़ाहिरी ने कहा कि अल्लाह ने कुरआन को उतारा है और उसी ने इसकी हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी भी ली है। हिफाज़त का तरीक़ा यह है वह लोगों के सीनों का इसके लिये चयनित करता है।
कुली बाज़ार के लोगों और जलसे के ज़िम्मेदारों ने मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत कर अपनी मुहब्बतों का इज़हार किया। इससे पूर्व जलसे का शुभारम्भ क़ारी मुजीबुल्लाह इरफानी ने तिलावते कुरआन से किया। संचालन मौलाना अंसार अहमद जामई ने किया। कुरआन मुकम्मल करने वाले बच्चों ने अपना कार्यक्रम पेश किया, जिसके बाद उन्हें पुरूस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौलवी मुहम्मद मसूद, ऐजाज़ रसूल सिद्दीक़ी ने नात पढ़ी। जलसे में बतौर खस जमीअत उलमा शहर कानपुर के उपाध्यक्ष महमूद आलम कुरैशी, मुफ्ती मुहम्मद सईद खां क़ासमी, क़ारी अब्दुल मुईद चौधरी, मुफ्ती इज़हार मुकर्रम क़ासमी, मौलाना अब्दुल हन्नान जामई, मौलाना अज़ीम खुश्तर जामई के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय अवाम मौजूद रहे। जलसे के आयोजक मुईद अहमद ने तमाम मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।
कुली बाज़ार में जलसा तक्मीले कुरआन व इस्लाहे मुआशरा का आयोजन


















