कानपुर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाये जाने के सन्दर्भ में बार काउंसिल आफ इंडिया द्वारा सभी अधिवक्ताओं से मांगी गयी राय से सम्बन्धित है। बार काउंसिल आफ इण्डिया द्वारा अधिवक्ताओं पर हो रही निरन्तर हिंसक घटनाओं को संज्ञान में लिया गया है और अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए कानून को केन्द्र सरकार द्वारा बनवाने हेतु प्रारूप तैयार किया गया है और अधिवक्ताओं से इस कानून को बनाये जाने के लिए अधिवक्ताओं की राय मांगी गयी है। इसी क्रम में कानपुर के अधिवक्ताओं के विचार संग्रह हेतु एक राष्ट्रीय बेबनार हमारी संस्था द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसमें कानपुर नगर न्यायालय, कानपुर देहात न्यायालय, विभिन्न तहसीलों एवं एल० एल० एम० के विधि छात्रों को विचार हेतु इस राष्ट्रीय वेबनार कार्यक्रम में सादर आमंत्रित किया गया है। यह राष्ट्रीय वेबनार 27 फरवरी रविवार को 12बजे से3 बजे तक जूम मीटिंग एप पर आयोजित होगी। इसमें सभी अधिवक्ताओं को इस विचार संकलन राष्ट्रीय वेबनार में सहभाग के लिए पासवर्ड आई-डी जारी किया गया है। इसका विवरण प्रेसवार्ता के अन्त में उल्लिखित है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा बनाया जा रहा यह प्रस्ताव बिल निश्चित रूप से अधिवक्ताओं की सामाजिक, शारीरिक, आर्थिक एवं पारिवारिक रक्षा से सम्बन्धित है। इस कारण इस बिल के प्रारूप निर्माण में विधि व्यवसाय में कार्य कर रहे अधिवक्ताओं की राय अत्यन्त महत्वपूर्ण है। बार काउंसिल ऑफ इण्डिया द्वारा सात सदस्यों की एक समिति तैयार की गयी है। इस समिति के वरिष्ठ सदस्य माननीय श्री श्रीनाथ त्रिपाठी एडवोकेट (बार काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तावित एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के बिल निर्माण समिति के सदस्य एवं चेयरमैन लीगल ऐड, वरिष्ठ अधिवक्ता, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, सदस्य उत्तर प्रदेश बार काउंसिल) इस वेबनार की अध्यक्षता करेंगे और अधिवक्ताओं के विचारों को संकलित करेंगे। एवं बार काउंसिल ऑफ इण्डिया कानून बनाने सम्बन्धी प्रक्रिया का विषय प्रवर्तन भी अधिवक्ताओं के समक्ष रखेंगे।


















