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पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए कराया जाता है तर्पण, पितरों को याद करने वाला दिन यानी पितृ पक्ष शनिवार से शुरू हो गया है। शहर के तमाम घाटों पर लोग अपने पूर्वजों का तर्पण कार्य करने के लिए सुबह से ही पहुँच गए । आपको बता दें कि यह पितृ पक्ष लगातार 15 दिनों तक चलेगा। पितृ पक्ष के दिन लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करते हैं। और पूजन करते हैं। आपको बता दें कि पितृ पक्ष के पहले दिन यानी पूर्णिमा के दिन मृत्यु होने वाले पितरों का पिंडदान होता ।
, शहर के सरसैया घाट पर लोगों ने अपने पूर्वजों यानी पितरों का पिंड दान व तर्पण करते हुए उनकी आत्मा शांति के लिये प्रार्थना की। सरसैया घाट पर गंगा में लोगों ने डुबकी लगाते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया व नव ग्रहों के मण्डल को जल दिया। इस दौरान लोगों ने अपने पूर्वजों को याद करते हुए उनसे परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। सरसैया घाट पर तर्पण कार्य करने के लिए केवल शहर ही नही बल्कि कई जिलों, राज्यों से लोग तर्पण के लिए आते है। पुरोहित सुमित मिश्रा ने बताया कि यह पितृ पक्ष 15 दिनों का होता है। यहां विधि विधान से लोग अपने पूर्वजों और मृत्यु हो चुके परिजनों का तर्पण करते है जलदान करते है और विधि विधान से महिलाएं भी पिंडदान करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते है।

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