00आज के पुरुष प्रधान समाज में नारी अपने पूर्वजों और पुरखों का तर्पण और पिंडदान भी कर सकती है,,,क्योंकि नारी किसी भी रूप में पुरुष से पीछे नहीं है,,, इसी मकसद को लेकर आज कानपुर के सरसैया घाट पर महिलाओं ने अपने पुरखों को जहां पानी दिया, वहीं उनका श्राद्ध करके उनका तर्पण भी किया,,, युग दधीचि देहदान अभियान संस्था और बेटी बचाओ अभियान संस्था के द्वारा किये गये इस आयोजन में दर्जनों महिलाओं ने अपने माता पिता,भाई, पति और पूर्वजों का श्राद्ध किया,,,, इसके साथ ही इस आयोजन में उन अजन्मी बच्चियों का तर्पण किया गया,,,जिनको इस दुनिया में आने से पहले ही मार दिया जाता है,,,साथ ही पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पौत्री ने उनका पिंडदान किया,,,
इस श्राद्ध और तर्पण में महिलाओं ने पूरे वैदिक रीति रिवाज और हिन्दू कर्मकांड विधान के मुताबिक़ अपनी पूर्वजों और परिवारीजनों को पिंड अर्पित किये और स्नान अर्घ्य आदि देकर उनकी आत्माओं की शान्ति और मुक्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की ,,,बाद में श्राद्ध करके उन्हें उनका प्रिय भोग भी अर्पित किया,,इस आयोजन की यह भी विशेषता थी कि इसमें अच्छे से अच्छे और प्रतिष्ठित घरों कि महिलाओं और लड़कियों ने भी आगे आकर श्राद्ध कर्म को फलीभूत किया था,,,
इन महिलाओं का मानना है कि आज के पुरुष प्रधान समाज में नारी किसी भी रूप में पुरुषों से पीछे नहीं है, और सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जिनके घर या परिवार में कोई पुरुष नहीं उनके पुरखों या पूर्वजों को आखिर कौन पानी देगा ,,,इसलिए ऐसी महिलाओं को आगे आकर अपने पूर्वजों और परिजनों का अपने हाथों से श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए ,,, युग दधीचि के संयोजक मनोज सेंगर का कहना है कि नारी और बेटी की महत्ता बताने के लिए संस्था हमेशा ऐसे कार्यक्रम करती रही है और आगे भी करती रहेगी,,,


















