शहर में सोमवार से दीनी मदरसों का विधिवत सर्वे शुरू हो गया। पहले दिन मदरसा दारूत तालीम वस सनअत (डीटीएस) और जामिया महमूदिया अशरफुल उलूम अशरफाबाद, जाजमऊ टीम पहुंची। संचालकों से सवाल जवाब के साथ छात्रों से भी बात की। टीम में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह और शहर काजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही के प्रतिनिधि कारी मोहम्मद सगीर आलम हबीबी शामिल थे।
सर्वे टीम ने 11 बिंदुओं पर जानकारी ली। संचालकों से जमीन से सम्बंधित कागज, सोसाइटी पंजीकरण, एजुकेशन की क्वालिटी, संचालित विषय , छात्र संख्या, छात्रावास की स्थिति, खानपान आदि के बारे में जानकारी ली। पूरे मदरसे का निरीक्षण भी किया। छात्रों से कई तरह के सवाल जवाब भी किए। यह जानने का प्रयास किया कि यहां क्या पढ़ाया जाता है। सामान्य जानकारी छात्रों को है या नहीं।
टीम का नेतृत्व कर रहे जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने आय के साधनों और खर्च का पूरा ब्योरा एक-दो दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जांच के दौरान किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। इस बात पर जरूर आपत्ति जताई गई कि सर्वे में टीम को जानकारियां जुटानी हैं न कि जांच-पड़ताल करनी है। टीम के सदस्यों ने छात्रों से कई तरह के सवाल भी किए।


















