जिलाधिकारी श्री विशाख जी0 की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गंगा प्रदूषण एवं जल निगम के कार्य तथा जिला गंगा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने परियोजना प्रबंधक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई उत्तर प्रदेश जल निगम एवं क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रदूषण नियंत्रण को निर्देशित करते हुए कहा कि जाजमऊ सीईटीपी में किए जा रहे मरम्मत कार्यों पर निगरानी रखते हुए सम्पूर्ण सीईटीपी के संचलान के सम्बन्ध में वास्तविक वस्तु स्थिति से नियमित रूप में डीजी नमामि गंगे ,प्रमुख सचिव नमामि गंगे को अवगत कराया जाए । उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सीईटीपी के संचालन में आ रही कमियों के सम्बन्ध में कार्यदाई संस्था का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए ।
उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि गंगा किनारे बसे समस्त ग्रामों में प्रधानों व ग्राम सचिवों द्वारा यह सुनिश्चित कराया जाए कि किसी भी स्थिति में दूषित पानी गंगा में न गिरे।
बैठक में उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में किए जा रहे बड़े निर्माण कार्यो में वायु प्रदूषण के मानकों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए ।
उन्होंने निर्देशित किया की पनकी पावर प्लांट एवं BHEL के समन्वय से वायु प्रदूषण रोकने के सम्बन्ध में तैयार की गई मॉडल को अन्य बृहद निर्माण कार्यों में भी लागू करने हेतु KDA, नगर निगम, मेट्रो इत्यादि के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यवाही किया जाए।
बैठक के दौरान प्रभागीय वन अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम आयोजित किया जाना है जिसके अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिसके अंतर्गत प्रभात फेरी ,नुक्कड़ नाटक घाटों की सफाई घाटों पर गंगा आरती आदि विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।


















