कानपुर। शहीद शिरोमणि भगत सिंह ने कहा था कि लिख रहा हूं मैं अंजाम जिसका कल आगाज आएगा मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा उक्त कथन आज भी पूरी तरह देश के युवा वर्ग को झंकृत कर रहा है मात्र 23 वर्ष की आयु में ही अमर कार्य कर करने वाले देश की धड़कनों में रहने वाले भगत सिंह विरले ही धरती पर जन्म लेते हैं उन्होंने धर्म और हमारा स्वतंत्रता संग्राम विद्यार्थी और राजनीति सांप्रदायिक दंगे और उनका इलाज अछूत का सवाल जैसे अनेक रिपोर्ताज आज भी प्रासंगिक हैं भगत सिंह के देश प्रेम के जज्बे और आजादी के संकल्प की किताबों से लेकर कपड़ों तक युवा उन्हें किसी भी तरह सीने से लगाए रखना दिल में बसाए रखना चाहते हैं जिला प्रभारी कानपुर संजीव सिंह एडवोकेट,उपाध्यक्ष सोशल ऑडिट कुंदन सैनी ने कहा कि भगत सिंह कहते थे कि जिंदगी तो सिर्फ अपने कंधों पर जी जाती है दूसरों के कंधों पर सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं आरआर ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन के चेयरमैन लखनऊ प्रभारी अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह मित्रों से कहते थे!कि क्रांति मानव जाति का एक अपरिहार्य अधिकार है चेयरमैन उपेंद्र मिश्रा ने दिया अन्य प्रमुख नशा मुक्त अभियान के क्रांतिकारी साथी प्रदेश उपाध्यक्ष अंजु सिंह,रायबरेली जिला प्रभारी अनुष्ठान सिंह, सीतापुर जिला प्रभारी अमित सिंह,मिर्जापुर जिला प्रभारी अमित पांडे,बांदा जिला प्रभारी जयकिशन,फतेहपुर जिला प्रभारी अंशु सिंह सेंगर,जिला प्रभारी झांसी इंजीनियर विनोद कुमार इत्यादि थे।
भारत में जन्म लेकर वीर भगत सिंह ने हम सब को किया कृतार्थ…ज्योति बाबा


















