कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के कृष्णापुरी में रहने वाले विमलेश गुजरात में आयकर विभाग के अकाउंटेंट पद पर तैनात थे। इलाज के दौरान विमलेश की 22 अप्रैल 2021 को कानपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। जिसके बाद से परिजनों ने विमलेश के मृत शरीर को डेढ़ वर्ष तक घर पर ही रखे हुए थे। जब इसकी जांच विभाग के द्वारा कराई गई तो जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने बॉडी को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल के लिए भेज दिया था जिसमें मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के पैनल ने इसकी जांच में 17 से 18 महीने पुरानी बॉडी बताई जा रही थी उसके बाद परिजनों ने मृतक विमलेश का अंतिम संस्कार कर दिया उसके बाद लगातार जिला प्रशासन ने एक एसआईटी की टीम गठित की थी जिसको लेकर आज मृतक विमलेश के घर एडीसीपी पश्चिम, एसीपी पहुंचे और परिजनों और पत्नी से पूछताछ की।
वही एडीसीपी लाखन यादव ने बताया की हम लोगों ने परिजनों के साथ बातचीत की है परिजन अंधविश्वास में थे उनको लगता था आज भी मेरा बेटा जिंदा है और बॉडी अपने घर पर कई वर्षो से रखे हुए थे जिसके चलते हम लोगों ने बयान दर्ज किए हैं आगे की कार्यवाही विभाग के द्वारा की जा रही है।


















