Advertisement

सत्ताधारी नेताओं के दबाव में इलाकाई पुलिस नहीं कर पाती कोई खास कार्रवाही: सूत्र

कानपुर। कानपुर में कमिश्नरेट लागू होने के बाद भी दबंगो की दबंगई पर कोई असर नहीं पड़ा। वक्त बेवक़्त लोगों के साथ मारपीट करना, आमजन के बीच भय व्याप्त करना, इनका रोज का काम है। सूत्रों की माने तो पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस भी इन दबंगों पर कोई ख़ास कार्रवाही नहीं कर पाती है, कारण सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का संरक्षण है।पनकी इलाके के दो हिस्ट्रीशीटर जोड़े की दबंगई इस वक्त चरम पर है। दर्जनों मुक़दमाधारी ललित दुबे थाना पनकी का हिस्ट्रीशीटर है। ललित का साथी मनोज परिहार भी हिस्ट्रीशीटर बताया जाता है। ललित और मनोज परिहार पनकी इलाके में दहशत का पर्याय बताए जाते हैं।पनकी का ये हिस्ट्रीशीटर जोड़ा और इनका गैंग, हमेशा सुर्खियों में रहा है।ड्राइवर क्लीनर से मारपीट रही हो या इलाके में दुकानदारों और आमजन से झगड़ा, टेरर बनाकर अपनी दबंगई के दम पर दहशत मेंटेन रखना इनका काम है।
जो पुलिस के लिए भी वक्त बेवक़्त दर्द बनते हैं।सूत्रों की माने तो पनकी इलाके के दबंग हिस्ट्रीशीटर जोड़े की कुंडली में छेद ही छेद हैं। खुलकर गुंडई करने के पीछे का कारण सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का संरक्षण बताया जा रहा है।

WhatsApp Image 2023-11-24 at 3.32.09 PM
Navratri special offer at Deepak EV
nsingh