28 सितम्बर विश्व रेबीज दिवस के रूप में मनाया जाता है,,,,इसका उद्देश्य रेबीज बीमारी तथा इसकी रोकथाम के बारे जागरूकता फैलाना है,,,लेकिन क्या आपको पता है कि क्या अन्य जानवरों के काटने से भी रैबीज होता है,,,
रैबीज मुख्यता कुत्ता, बंदर, नेवला व शियार के काटने से रैबीज होता है, रोकथाम के लिए सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में रैबीज के इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था की हुई है,,,
जिला अस्पताल उर्सला के एमरजेंसी के एआरबी विभाग के इंचार्ज डॉ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इसमें 28 दिनों में चार इंजेक्शन लगते है,,,जिससे मरीज रैबीज से बच जाता है,,,
उन्होंने बताया कि रोजाना लगभग 100 मरीज रैबीज का इंजेक्शन लगवाने आते है,,,उनका कहना था कि यंहा पर वैक्सीन की कोई कमी नही रहती है,,,जो भी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने आता है,,उनको निशुल्क वैक्सीन लगाई जाती है,,,
चार जानवरों के काटने से होता है रैबीज, चार इंजेक्शन लगवाने से दूर होती है बीमारी


















