31 अक्टूबर दिन सोमवार कानपुर छठ महापर्व के अंतिम दिन को प्रात:काल में सूर्योदय होने के साथ उषाकाल का अर्घ्य देकार हुआ छठ पूजन का समापन। कानपुर गंगा बैराज के अटल घाट पर व्रती महिलाओं ने दिया 3 दिन लगातार छठ महापर्व पूजा आराधना करते हुए अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर पूर्ण किया छठ पर्व।
उगते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद व्रती प्रसाद खाकर पारण करते हैं, उसके साथ ही छठ महापर्व का समापन हो जाएगा। पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को छठ पूजा के उषाकाल का अर्घ्य दिया जाता है और पारण करके व्रत को पूरा किया जाता है।रामायण महाभारत में भी छठ महापर्व का है उल्लेख। छठ पूजा करने आई महिला व्रती दिव्या ने बताया कि छठ पर्व 3 दिन का होता है जो कि 2 दिन निर्जला और तीसरे दिन सूर्य देवता को जल अर्पित करने के बाद जल और फलाहारी किया जाता है। कई सालों से इस पर्व को मना रहे हैं वही नवाबगंज से गुप्ता परिवार ने भी अपने घर की सलामती और बच्चों की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए छठ मैया की आराधना पूजन की बताया कि परिवार में 4 दिन से पूजा अर्चना प्रारंभ हो जाती है और आज छठ मैया का विधि विधान पूजन आराधना करके समापन करते हैं सभी परिवार के एक साथ होने से भी खुशी का अनुभव होता है और छठ पर्व पर कि हमारे परिवार में सब एक साथ एक छत के नीचे आते हैं उसकी खुशी का इजहार करना असंभव है।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
गंगा बैराज अटल घाट पर पारण से हुआ छठ पूजा का समापन


















