कोरोनावायरस की सेकंड स्ट्रेन से घबराए नहीं, होम्योपैथी अपनाएं।
इस होली सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खेले होली, रासायनिक रंगों के प्रयोग से बचें
शरीर की टूटन के साथ प्लेटलेट काउंट गिरा रहा कोरोनावायरस का सेकंड म्यूटेंट वायरस
कोरोना के साथ टाइफाइड के मिक्स लक्षण मिले तो हो जाएं सावधान
होम्योपैथी दवाएं रोग के साथ रोगी का भी करती हैं उपचार
होली पर्व की पूर्व संध्या पर आज आरोग्यधाम ग्वालटोली में कोरोना काल में होली पर सावधानियां नामक विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता आरोग्यधाम के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ हेमंत मोहन व वरिष्ठ होम्योपैथिक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरती मोहन रहे। डॉ हेमंत मोहन ने बताया कि कोरोनावायरस का नया म्युटेंट् स्ट्रेन सामने आ चुका है जोकि बहुत तेजी से फैल रहा है और पुराने स्ट्रेन की तुलना में घातक सिद्ध हो सकता है इस स्टरेन के मुख्य लक्षण तेज बुखार के साथ शरीर में टूटन, प्लेटलेट काउंट कम होना, उलझन घबराहट के साथ जुकाम के लक्षण आ रहे हैं। डॉक्टर आरती मोहन ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि इस होली पर प्रयास करें कि अपने घर पर ही रहे एवं अपने स्वजनों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग करते हुए दूर से ही उन्हें होली की शुभकामनाएं दें अगर रंग लगाते भी हैं तो रासायनिक रंगों के प्रयोग से बचने की कोशिश करें। विशेषकर महिलाएं बुजुर्ग एवं बच्चे विशेष सावधानी बरतें। डॉ आरती ने कहा कि होम्योपैथी दवाएं प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का भी काम करती हैं जिससे व्यक्ति को वायरस के प्रभाव में आने के बाद होने वाली कमजोरी जैसे लक्षणों से परेशानी नहीं होती। डॉ हेमंत ने बताया कि यह नया स्ट्रेन दिल दिमाग पर दीवार पर हमला कर रहा है जिस वजह से एसजीपीटी बहुत तेजी से बढ़ जाता है। यह जानकारी समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से आरोग्यधाम के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ हेमंत मोहन व डॉ आरती मोहन ने दी
डॉ हेमंत मोहन
94150 50372
डॉक्टर आरती मोहन
आरोग्यधाम कानपुर


















