कानपुर।एंजियोप्लास्टी एक जीवनदायी इलाज होता है लेकिन रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, कानपुर के हृदय रोग विशेषज्ञों ने ऐसे मरीजों को एंजियोप्लास्टी के बाद लाइफस्टाइल में बदलाव, डाइट में बदलाव, एक्टिविटी में बदलाव और धूम्रपान और शराब छोड़ने के लिए कहा है ताकि एंजियोप्लास्टी के बाद लाइफ की क्वॉलिटी में सुधार किया जा सके। एंजियोप्लास्टी संकरी हुई धमनियों (आर्टरीज) को चौड़ा करती है और हार्ट और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ब्लड फ्लो का बहाव बढ़िया करती है। इटली में हाल के रिसर्च ने एंजियोप्लास्टी के बाद लगभग 15,000 पुरुषों और महिलाओं की जिंदगी को जांचा-परखा गया और पाया गया कि रिसर्च में हिस्सा लेने वाले जिन प्रतिभागियों ने मेडिटेरायन स्टाइल डाइट (साग, साबुत अनाज, मछली और जैतून के तेल ) का सबसे अच्छा पालन किया था, उनमे ऐथरोस्क्लरोसिस की रफ़्तार कम थी। यह ऐथरोस्क्लरोसिस हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ने का कारण होती है। डॉ अभिनीत गुप्ता, सलाहकार – इंटरनेशनल कार्डियोलॉजी, रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, कानपुर ने कहा कि एंजियोप्लास्टी के बाद मॉडरेट डाइट बिना लाल मांस और वसा वाली खाने और फिजकल एक्टिविटी करने से लाइफ की क्वालिटी बढ़ जाती है।
एंजियोप्लास्टी के बाद हार्ट के स्वास्थ्य के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करना महत्वपूर्ण


















