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शिक्षा के अधिकार के तहत बने नियम की उड़ रही खिल्लियां।आवंटियों को नही मिल रहा प्रवेश।

शिक्षा के अधिकार के तहत बने नियम की उड़ रही खिल्लियां।आवंटियों को नही मिल रहा प्रवेश।

आरटीई के स्कूलों को गवर्नमेंट नही कर रही भुगतान।- छावनी विधायक हसन रूमी।

आरटीई की सभी स्किम छोटे स्कूलों पर की जा रही लागू।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने में जिला बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। अभिभावक कई महीनो से बेसिक शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक आवंटित सीटों पर भी प्रवेश नहीं मिला है। अभिभावक लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं। विभाग हर बार समाधान का आश्वासन दे रहा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
दर्जनो अभिभावकों का कहना है की द गैंगेस वर्ल्ड स्कूल में सीट आवंटित हुई थी, लेकिन अब तक प्रवेश नहीं मिल पाया है। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल का प्रबंधन का कहना है कि उनके यहां सीटे फुल हो चुकी है। इन पर प्रवेश हो चुका है। अब वह प्रवेश नहीं दे सकते हैं। जबकि उनको नियम के तहत बीएसए ने सीट आवंटित की थी। बीएसए से लगातार शिकायत कर रहे हैं। लेकिन प्रवेश नहीं मिल रहा है।
कानपुर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा था कि स्कूल मनमानी कर रहे हैं इसके लिए उनको नोटिस भी दिया गया था। दरअसल कानपुर शहर में तमाम ऐसे स्कूल हैं जो प्रवेश ना लेने के लिए नाम, पता, जन्म तिथि या फिर आय प्रमाण पत्र में बार-बार त्रुटि को आधार बना रहे हैं। व जाँच कराने के बाद एडमिशन देने की बात कह रहे है। नियमों के तहत आवंटियों के प्रवेश लिए जाएंगे गड़बड़ी होने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को शिकायत करनी होगी। इस शिकायत पर विभाग जांच कर सत्यता देखेगा। कई स्कूल इसीलिए प्रवेश नहीं ले रहे हैं क्योंकि उन्हें 2017 से अब तक राइट टू एजुकेशन में लिए गए प्रवेश की फीस सरकार द्वारा नहीं दी गई है।
आवंटियों ने द गैंगेस वर्ल्ड स्कूल में एडमिशन न होने पर छावनी विधायक को भी मौके पर बुलाया। विधायक हसन रूमी ने बताया कि प्रिंसिपल का कहना है की स्कूल की बिल्डिंग 700 वर्ग गज की स्कूल की बिल्डिंग है जिसमे एक सेक्शन में शिक्षा का अधिकार के तहत पूरे 111 बच्चे पढ़ते है। हमारे यहां बच्चो को बैठलने की जगह ही नही है। बताया कि कानपुर में जितने भी बड़े बड़े स्कूल है उन स्कूलों ने सिर्फ 15 से 20 बच्चो के ही आरटीई के तहत एडमिशन ले रखे है। जितने भी छोटे स्कूल है उनके ऊपर ही आरटीई की सारी स्कीमें लागू की जारी है। आरटीई से स्कूलों को पेमेंट भी समय से नही किया जा रहा है। गवर्नमेंट ने आरटीई स्कीम तो लागू कर दी है। लेकिन स्कूल की, टीचरों की फीस कुछ नही देती है। गवर्नमेंट आरटीई की योजना का दुरुपयोग कर रही है। वही विधायक हसन रूमी का कहना था इस मुद्दे को मैने सदन में उठाया था और दोबारा फिर से उठाऊंगा।

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