कानपुर:अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद एवं ट्रेड्स एंड इड्रस्टीज वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आज शनिवार को एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।यह प्रेसवार्ता कल रविवार को होने वाले राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन कार्यक्रम को लेकर आयोजित की गई है
कार्यक्रम को लेकर अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमन्त गुप्ता ने बताया की कल रविवार को राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। इस कार्यक्रम में पूरे देश के प्रतिनिधिगण शामिल होंगे।इस सम्मेलन के माध्यम से हम लोग अपनी राजनैतिक हिस्सेदारी और भागीदारी की मांग उठाने का कार्य करेंगे।यूपी में 80 लोकसभा क्षेत्र है। वर्तमान समय में दो सांसद है। वैश्य समाज की जो अपेक्षा हो रही है इस आवाज को उठाने का काम चल सम्मेलन में किया जाएगा। जबकि 12 लोकसभा क्षेत्र वैश्य बाहुल्य है जहां वैश्य मतदाता प्रभावी संख्या में है।वही अगर कानपुर की बात करे तो कानपुर में लोकसभा का प्रतिनिधित्व इससे पूर्व रहा है।मेयर भी वैश्य समाज के रहे है,वर्तमान समय की बात करे तो वैश्य समाज की हिस्सेदारी नगण्य हो गई है।इस आवाज को उठाने का काम कल के सम्मेलन में की जाएगी।
इसके साथ ही जो आने वाले मार्च में एमएलसी के चुनाव है उसमे भी वैश्य समाज को भागीदारी और हिस्सेदारी दी जाए।उन्होंने कहा कि इसके साथ ही राजनैतिक, समाजिक, आर्थिक प्रस्ताव भी कल के सम्मेलन में पारित करने का कार्य किया जाएगा। आर्थिक दृष्टि से जो जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी है उनके भी में की राशि 20 लाख की जानी चाहिए तथा वृद्धावस्था पेंशन भी व्यापारियों को मिले। साथ ही प्रमुख मांग यह भी है कि खुदरा व्यवसाय में जो ऑनलाइन में विदेशिया कंपनिया आई है इससे सभी का व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।हमारी मांग है कि जो बड़ी कंपनियां माल की सप्लाई करती है उस पर 28 % जीएसटी लगाई जाए तो छोटे व्यापारियों का व्यासाय प्रभावित नही होगा।वही उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रस्ताव भी पारित करेंगे वैवाहिक कार्यक्रम सादगी के साथ होने चाहिए ।जिसमें व्यंजन की व्यवस्था अत्यधिक हो गई है उसको रोका जाना चाहिए। इसके साथ ही लिविंग रिलेशनशिप जो समाज के लिए घातक है उसको रोका जाए।


















