एनीमिया, कैंसर मुक्त और पोषण युक्त भारत बनाने की पहल करते हुए फेडरेशन आफ आब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलाजिकल सोसाइटी आफ इंडिया और कानपुर आब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलाजिकल सोसाइटी की ओर से राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में देशभर से आए वरिष्ठ चिकित्सकों ने नारी स्वास्थ्य और सशक्तीकरण पर अपने अनुभव और विचार साझा किए। सेमिनार में चिकित्सकों में महिलाओं में एनीमिया, टीकाकरण, गर्भावस्था में होने वाले हाइपरटेंशन, प्रिर्वेटिव आंकोलाजी, सर्वाइकल कैंसर, किशोरियों में होने वाली पीसीओएस, थायराइड्र जैसी बीमारी से बचाव और शुरुआती लक्षण पर नजर रखने के ‘तरीके बताएं। सेमिनार के पहले दिन करीब 250 से ज्यादा पेपर और पोस्टर का प्रेजेंटेशन किया शनिवार को स्वरूप नगर स्थित होटल रायल क्लिफ में राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विकास के लिए होने वाले सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम समाज के लिए जरूरी हैं। इससे स्वस्थ समाज की परिकल्पना साकार होगी और मृत्युदर में कमी आएगी। फेडरेशन आफ आब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलाजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डा. जयदीप टैंक ने कहा कि हाइपरटेंशन गर्भावस्था में होने वाली गंभीर समस्या है। डा. एचडी पाई ने कहा कि महिलाओं में बच्चेदानी के मुहाने पर होने वाला कैंसर हर वर्ष 74000 महिलाओं की मौत का कारण बन रहा है। चेयरपर्सन डा. मीरा अग्निहोत्री, डा. माधुरी पटेल, डा. पारुल कोटलावाला, डा. कंचन शर्मा, डा. किरण पांडेय, डा. नंदिनी रस्तोगी, डा. साधना गुप्ता, डा. रचना दुबे आदि उपस्थित रहीं।
राष्ट्रीय सेमिनार में महिला स्वास्थ्य और सशक्तीकरण पर हुई चर्चा


















