राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के तत्वाधान में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सिंह मर्तोलिया की अध्यक्षता में निजी अस्पतालो में कोरोना महामारी के नाम पर जो लूट चल रही है उसके लिए निजी अस्पतालो का निरीक्षण किया गया। आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भावी महापौर प्रत्याशी विजय सिंह मर्तोलिया ने कहा कि कोरोना आपदा में निजी अस्पतालो ने लूट का अवसर ढूंढ लिया है। निजी अस्पतालो में सिंपल बेड ₹25000 में मिल रहा है।40 से 50 हजार प्रति मरीज के ऊपर प्रतिदिन का खर्चा रहा है। 6 किलोमीटर से 7 किलोमीटर की दूरी के लिए एंबुलेंस वाले 10 से 15 हजार रुपय चार्ज कर रहे हैं। दवा के नाम पर भी निधि अस्पतालो में कालाबाजारी खुलेआम हो रही है। ऑक्सीजन के लिए मारामारी हो रही है। जो मध्यम वर्गीय परिवार महीने के 10 से 15 हजार रुपय कमाता हो वह कैसे इस आपदा में अपना इलाज करवा पाएगा। लूट का सिलसिला यहीं तक नहीं रुक रहा है मरने के बाद शमशान घाट पर भी शव जलाने के नाम पर वसूली की जा रही है। ऐसा लगता है कि केंद्र और प्रदेश की सरकार को कोरोना हो गया है। जोकि निजी अस्पतालो में इस समय खुलेआम हो रही लूट पर अंकुश लगाना चाहिए। वही सरकार इस समय आंखों में पट्टी बांधकर बैठी हुई है। सिर्फ जनता को मूर्ख बनाने का काम किया जा रहा है और टीवी चैनलों पर आकर कहते हैं कि सब कुछ ठीक है। अगर सब कुछ ठीक है तो इस तरह इंसान क्यों मर रहा है। और इस समय कोई अंधभक्त भी किसी कोरोना पीड़ित की मदद के लिए भी नहीं दिख रहा है। भावी महापौर प्रत्याशी विजय सिंह मर्तोलिया ने प्रदेश सरकार से मांग की निजी अस्पतालो पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। और ऐसे एंबुलेंस संचालकों के साथ भी कारवाई होनी चाहिए जो कि मरीजों से खुलेआम लूटने का काम कर रहे हैं।
निजी अस्पतालो में कोरोना महामारी के नाम पर हो रही लूट के खिलाफ उठाई आवाज


















