कानपुर। केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा लगातार कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है सरकार लगातार नए-नए नियम बनाकर कर्मचारियों को परेशान कर रही है लंबे समय से कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली एवं अन्य मांगे कर रहे हैं लेकिन डबल इंजन की सरकार में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है हालात अगर यही रहे तो पूरे देश का कर्मचारी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने के लिए मजबूर होगा। यह बात उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि आगामी 7 फरवरी 8 फरवरी को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से सौंपेंगे। अगर अति शीघ्र उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आठवें वेतन आयोग की घोषणा तो करती है लेकिन वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण में इस बात का जिक्र तक नहीं किया गया उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार बताएं कि आठवां वेतन आयोग कर्मचारियों को कैसे मिलेगा यह कर्मचारियों को लॉलीपॉप के सिवा कुछ नहीं है। यही नहीं आगामी 8 फरवरी को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा जिसमें प्रदेश के सभी जनपदों के कर्मचारी नेता आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को 17 सूत्रीय मांग पत्र देने का निर्णय लिया है। जिसमें पेंशनरों हेमंत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की समस्याएं अंकित होगी। सरकार लगातार निजीकरण पर निजीकरण किया जा रही है जिसका विरोध अब शुरू हो गया है कर्मचारी किसी भी हालत में निजीकरण को स्वीकार नहीं करेंगे फिर चाहे इसके लिए उन्हें सड़कों पर ही क्यों ना उतरना पड़े। डबल इंजन की सरकार पूरी तरीके से कर्मचारियों के विरोध पर काम कर रही है उन्होंने वित्त मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार का बजट भी देश के चंद्र पूंजी पतियों को लाभ पहुंचाने की नीयत से बनाया गया है। इस बजट में ना तो कर्मचारी का ख्याल रखा गया ना ही मध्यम वर्ग परिवार का। जिसके चलते कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ खास रोष व्याप्त है। वार्ता में मुख्य रूप से असद समीम खान रविंद्र कुमार माथुर सुरेश कुमार आदि लोग मौजूद रहे।
कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ कर्मचारी महासंघ देगा ज्ञापन


















