आस्था के संगम महाकुम्भ 2025 में जहाँ भारत मे धार्मिक संस्कृति देखने को मिल रही है वही मानवता का जीता जागता स्वरूप भी साक्षात धर्म नगरी को प्रमाणित कर रहा है। एक ओर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ का आयोजन पूरे विश्व में आस्था का कुंभ बना हुआ है तो वही समाज सेवा की भावना रखने वाले लोग, भारतीय संस्कृति को बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
कुछ इसी का नजारा देखने को मिला यूपी के कानपुर में, जहां भाजपा नेता लाल सिंह तोमर ने महाकुंभ जाने वाले साधु संतों और श्रद्धालुओं के लिए संगम की तर्ज पर शरणार्थी कुंभ बनाया है।
कानपुर जिले के कात्यायनी माता पीठ मंदिर पूर्वामीर महाराजपुर में श्रद्धालुओं के ठहरने की उचित व्यवस्था की गई है।
जिसका एक बड़ा नजारा माघी पूर्णिमा के दिन देखना को मिला। जब कानपुर और आसपास के जिलों से महाकुंभ को जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खानपान और उनके विश्राम की व्यवस्था की गई।
इस व्यवस्था में भाजपा नेता लाल सिंह तोमर ने अपने पूरे परिवार के साथ अपना सहयोग किया।
लाल सिंह तोमर ने महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं का माल्यार्पण करते हुए स्वागत किया, और उनके पुत्र राहुल तोमर और रोहित तोमर ने सभी श्रद्धालुओ का सम्मान करते हुए खिचड़ी भोज वितरित किया ।
लाल सिंह तोमर की छोटी बहू श्रीमती विजयरत्ना तोमर ने सबको मिस्ठान का वितरण करते हुए आग्रह किया कि इस महाकुम्भ का लाभ सभी को लेना चाहिए।
आपको बताते चले कि इस तरह के आयोजन भारत की संस्कृति को दर्शाते हैं। 144 साल बाद पड़े महाकुम्भ ने अपनी संस्कृति को दर्शाते हुए दिव्य और भव्य आयोजन की शुरुआत की।
इस अवसर पर सरसौल ब्लाक प्रमुख विजय रत्ना तोमर ने कहा कि इस तरह का आयोजन धर्म भाव को दर्शाता है, साथ ही उन्होंने अपील करी की सभी को इस महाकुम्भ में जाकर पूण्य की डुबकी लगानी चाहिए।


















