वकीलों की तिकड़ी बनी बेगुनाहों की आवाज, मुफ्त में केस लड़कर दिला रहे इंसाफ।
फर्जी केसों में जेल गए निर्दोषों को दिला रहे रिहाई, अब तक दर्जनों को मिला न्याय।
न्याय के मंदिर में गरीबों की बुलंद आवाज, वकीलों की टीम ने छेड़ी सराहनीय मुहिम, फर्जी POCSO केस में फंसे युवक को 8 साल बाद दिलाई बेगुनाही।
कानपुर: जहाँ न्याय पाना अक्सर महंगा और जटिल माना जाता है, वहीं शहर के कुछ वरिष्ठ अधिवक्ता गरीबों और बेसहारा लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। एडवोकेट इकराम खान, एडवोकेट इखलाक अहमद और सीनियर एडवोकेट शोहेल जफर की टीम उन बेगुनाहों के लिए मुफ्त में कानूनी लड़ाई लड़ रही है, जिन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेज दिया जाता है। यह टीम न केवल उनकी जमानतें कराती है, बल्कि उनके मुकदमों की पैरवी कर उन्हें बाइज्जत बरी भी करा रही है।
इस नेक पहल के बारे में बताते हुए एडवोकेट इकराम खान कहते हैं, “हमारे समाज में कई ऐसे गरीब और कमजोर लोग हैं, जिन्हें रंजिश या किसी अन्य कारण से गंभीर धाराओं में फंसा दिया जाता है। पैसे और पहुंच की कमी के कारण वे अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाते और सालों तक जेल में सड़ते रहते हैं। हमारी टीम ऐसे ही बेगुनाहों की पहचान कर उनकी मदद के लिए आगे आती है।
अपनी टीम के सराहनीय कार्यों में से एक का इकराम खान ने जिक्र किया। उन्होंने बताया की केशव शुक्ला का केस हमारे पास लगभग 3 साल पहले आया था। केशव पर वर्ष 2015 में थाना चकेरी में अपहरण (धारा 366), बलात्कार (धारा 376) और पॉस्को एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने पूरी लगन से पैरवी की। कोर्ट में पीड़िता, गवाहों और अन्य लोगों के बयानों के दौरान कई विरोधाभास सामने आए। टीम ने अदालत के समक्ष ठोस तर्क और तथ्य पेश किए, जिससे यह साबित हुआ कि पूरा मुकदमा ही फर्जी था और केशव को साजिश के तहत फंसाया गया था। आठ साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार कोर्ट ने केशव शुक्ला को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
सीनियर एडवोकेट शोहेल जफर ने कहा की अगर किसी का अपना बिना किसी जुर्म के जेल में है और गरीबी के कारण उसकी मदद करने वाला कोई नहीं है, तो ऐसे लोग हमसे संपर्क करें। मैं और मेरी पूरी टीम उनकी हरसंभव मदद के लिए तैयार है।
एडवोकेट इखलाक अहमद ने बताया कि उनकी टीम का यह प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने कहा हम अब तक 40 से 50 जरूरतमंद लोगों की जमानतें करवा चुके हैं। इसके अलावा, केशव शुक्ला जैसे दर्जनों निर्दोषों को हमने कोर्ट से दोषमुक्त करवाकर उनके जीवन को नई दिशा दी है।
यह टीम न केवल कानूनी लड़ाई लड़ रही है, बल्कि उन लोगों के टूटे हुए भरोसे को भी जोड़ रही है, जिन्हें लगता था कि न्याय केवल अमीरों के लिए है। समाज में ऐसे गुमनाम नायक ही सच्ची मानवता की मिसाल पेश करते हैं।
मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















