गोल्डन क्लब के तत्वावधान में खलासी लाइन स्थित शास्त्री भवन में 14वर्षों की भाँति इस वर्ष भी शहीद ए आज़म सरदार भगत सिंह जी के 118 वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में एक शाम भगत सिंह के नाम (वीरों को समर्पित एक सांस्कृतिक संध्या) अथवा शान ए कानपुर सम्मान व कानपुर रत्न सम्मान का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि सरदार भगत सिंह के भतीजे किरण जीत सिंह व विशिष्ठ अतिथि सत्य प्रकाश पांडेय, रीजनल डायरेक्टर डिफेंस मिनिस्ट्री, पी एम ओ ब्रिगेडियर ए के शर्मा जी, डॉ उमेश पालीवाल जी व डॉ अनुराग मेहरोत्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भगतसिंह के फोटो पर दीप प्रज्वलित करके किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि इंकलाब लाने के लिए वैचारिक क्रांति की जरूरत होती है। इसके लिए हिंसा करने की जरूरत नहीं होती है। हमारी तीसरी पीढ़ी सेना में कार्य कर रही है। आज बहुत गर्व महसूस हो रहा है। अनुज निगम ने कहा कि लड़ाई पिस्तौल से नहीं विचारों से होती है, सरदार भगत सिंह को याद करके हम 14 वा जन्मोत्सव मना रहे। देश के युवाओं को जोड़ कर शहीद भगत सिंह के विचारों को पहुचाना हमारा उद्देश्य है। आज इस अवसर पर समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालो को शान ए कानपुर व कानपुर रत्न से सम्मानित किया गया। भानू प्रकाश शुक्ला ने मेरा रंग दे बसंती चोला पर आये अतिथियों को ताली बजाने पर मजबूर किया। एक लघु नाटिका का भी मंचन किया गया। गणेश शंकर विद्यार्थी के अखबार प्रताप में बलवंत सिंह के नाम से किया गया।
समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मानवती आर्या, प्रीति रंजन,डा जे के गुप्ता,पैंथर घनीराम,सुरभि आर्या,रजिया सुल्तान,पी सी शर्मा, गोपाल तुलिसयान आदि को शान ए कानपुर व कानपुर रत्न से सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में शुभम द्विवेदी का परिवार को भी सम्मानित किया गया। शुभम कि पत्नी एशनया ने कहा कि हम शुभम को शहीद का दर्जा दिलाने की बात लगातार सरकार से करते आ रहे हैं। सरदार भगत सिंह को भी शहीद का दर्जा आज तक नहीं मिला है। जाति पूछकर आतंकी ने मारा है यह बहुत दुःख का विषय है। सरकार ने आपरेशन सिंदूर चलाया।
इसमें प्रमुख रूप से अनुज निगम, शांतुन चैतन्य, अश्विनी निगम, रविन्द्र चौहान,नीलू तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।
Report By Dilip Mishra


















