कानपुर, 15 नवम्बर। श्रद्धेय बैरिस्टर नरेन्द्रजीत सिंह की पावन स्मृति में बी0 एन0 एस0 डी0 शिक्षा निकेतन इण्टर कॉलेज, बेनाझाबर में वार्षिकोत्सव पुनर्नवा-सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि दिनेश शर्मा (पूर्व उप मुख्यमंत्री-उ0 प्र0, सांसद-राज्य सभा) ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश के बदलते परिवेश में संस्कारो की महती आवश्यकता है। हमारे संस्कार हमारी सनातन संस्कृति की पहचान है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को संस्कारवान बनाएं व मोबाइल की संस्कृति से दूर रखें। बच्चों को महापुरुषों की कहानियाँ सुनाना चाहिए। बच्चों के सामने खुद संस्कावान बनकर संस्कारों का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। भारत की संस्कृति दर्शन है, पाश्चात्य संस्कृति प्रदर्शन है। बच्चों को पाश्चात्य संस्कृति से बचाकर रखना होगा। बी0 एन0 एस0 डी0 शिक्षा निकेतन यह कार्य सफलतापूर्वक कर रहा है। शिक्षा के साथ-साथ विद्यालय में नैतिकता को भी सिखाया जाता है। यहाँ के बच्चे गौरवशाली इतिहास बना रहे हैं। इस विद्यालय के बच्चों को देखने से यहाँ के संस्कारपूर्ण वातावरण ही झलक मिलती है।
विशिष्ट अतिथि रमेश अवस्थी ने अपने सम्बोधन में कहा कि बैरिस्टर साहब का जीवन समाज व शिक्षा के लिए समर्पित था। आज भी लोग श्रद्धेय नरेन्द्रजीत सिंह जी को अनके बैरिस्टर के रूप में और समाज सेवा के कार्यो को याद करते हैं। उन्होंने अपने वक्त्वय में कहा कि विद्यालय को जब भी मेरी आवश्यकता होगी मैं सदैव उपस्थित रहूँगा। छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए आपने कहा कि बच्चों, अपने जीवन में बडे़ सपने देखो और परिश्रम करो, आप का सपना आवश्य पूरा होगा।
समारोह की अध्यक्षता श्री ब्रम्हावर्त सनातन धर्म महामण्डल के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व क्षेत्र संघचालक श्री वीरेन्द्रजीत सिंह ने की। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय बैरिस्टर साहब भली-भांति जानते थे कि राष्ट्र को सुदृढ़ एवं समृद्धिशाली बनाने के लिए शिक्षा ही आधार है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बी0 एन0 एस0 डी0 शिक्षा निकेतन की स्थापना की थी, जो आज प्रदेश में एक उत्कृष्ट एवं प्रेरक संस्था है। बैरिस्टर नरेन्द्रजीत सिंह मानव धर्म, शिक्षा न्याय, समाज व राष्ट्र निर्माण के प्रति सदैव समर्पित भाव से कार्य करते रहे। उनका महान जीवन हम सबको प्रेरणा देता है।
विद्यालय के प्रबन्धक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य शंकर बाजपेयी ने विद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। यू0 पी0 बार काउन्सिल के पूर्व चेयरमैन एवं विद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष पं0 रमाकान्त मिश्र ने आभार प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अन्य मंचासीन महानुभावों का परिचय श्रीमती नीतू सिंह ने कराया। विद्यालय की उपप्रधानाचार्या मंजूबाला श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वन्दना से हुआ। विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे भोजपुरी लोकगीत, पचरा लोकगीत, राजस्थानी लोकगीत, न्याय और निर्माण की देवी अहिल्याबाई पर आधारित कार्यक्रम, शक्ति पूजा नृत्य, कठपुतली लोकनृत्य, युग-युग के रक्षक भगवान विष्णु के दशावतार पर आधारित कार्यक्रम, संकल्प से सिद्धि विजन-2047 आदि प्रमुख थे। सभी प्रस्तुतियों को दर्शकांे ने भरपूर तालियों और विविध भाव-भंगिमाओं से सराहा। सभी ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और मंच कौशल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अतिथियों व दर्शकों का कहना था कि सभी छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियाँ न केवल मनोरंजक थी बल्कि उनमें सांस्कृतिक मूल्यों देशभक्ति व सामाजिक संदेशों का सुन्दर समावेश देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में ऊर्जा व उत्साह देखने को मिला जिसने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रतिभागियों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
इस अवसर पर श्रीराम जी (प्रान्त प्रचारक), भवानी भीख तिवारी, सुरेन्द्र मैथानी, नीलिमा कटियार, सलिल विश्नोई, दीपू पान्डे, प्रकाश पाल, नन्दिता सिंह, वेणु रंजन भदौरिया, हरिभाऊ खाण्डेकर, सुरेन्द्र कक्कड़, कमल किशोर गुप्ता, संजीव पाठक, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकायें एवं अभिभावक तथा अन्य प्रमुख संस्थाओं के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट



















