कानपुर पुस्तक मेला में ख़्वाहिश फाउंडेशन द्वारा एक प्रेरणादायक समावेशी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षमताओं वाले बच्चों (Differently Abled Children) ने मुख्यधारा के बच्चों के साथ मिलकर अपने मनमोहक नृत्य, गीत और रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात संस्था की सचिव श्रीमती अलका मिश्रा ने संस्था की अब तक की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले चौदह वर्षों से ख़्वाहिश फाउंडेशन विभिन्न क्षमताओं वाले बच्चों और वयस्कों के अधिकारों की वकालत कर रही है तथा उनकी विशेष प्रतिभाओं को समाज के सामने लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था दिव्यांगजनों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए विविध माध्यमों से कार्य कर रही है। इसी क्रम में संस्था द्वारा पुस्तक मेले में भी दिव्यांगजनों के हाथों से निर्मित उत्पादों को बिक्री के लिए रखा गया है, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिल सके।
मुख्य अतिथि सुनील मंगल ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन लगतार होते रहने चाहिए ताकि समाज की सोच में बदलाव हो सके।
अनिता अग्रवाल ने अपनी संस्था के। बारे में बताते हुए कहा कि वो प्रकृति संरक्षण पर बड़ा काम कर रही है और लगातार वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हम सबको ऐसे प्रयास संयुक्त रूप से करना चाहिए। कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए इस प्रकार के आयोजनों के लगातार होने की आवश्यकता भी जाहिर की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप श्री गोपाल तुलस्यान अध्यक्ष भारत सेवा संकल्प उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान काव्या चतुर्वेदी एवं सानवी नृत्य की प्रस्तुति दी जिसे लोगों ने जमकर सराहा।
अनिता अग्रवाल (अध्यक्ष, Just for Environment), श्रीगोपाल तुलसियान (अध्यक्ष, भारत विकास परिषद), डॉ. दीप्ति तिवारी(डायरेक्टर, संकल्प स्पेशल स्कूल), mभगवंत अनमोल (डायरेक्टर, Indian Speech Therapy & Rehab Centre तथा लेखक),तथा अन्य संस्थाओसे , कुसुम सिंह अविचल, अनिता बाला त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन दीपांजलि दुबे ने किया। संस्था की ओर से सभी प्रतिभागियों को स्मृतिचिन्ह भेंट किए गए, जिससे बच्चों का उत्साह और आत्मविश्वास और भी बढ गया।
इस अवसर पर आगामी “फ़िल्म फेस्टिवल” का पोस्टर भी लॉन्च किया गया, जो 2 दिसम्बर को विश्व विकलांगता दिवस (World Disability Day) की पूर्व संध्या पर आयोजित किया जाएगा। इस फ़िल्म फेस्टिवल में विभिन्न क्षमताओं वाले लोगों के जीवन, संघर्ष और प्रेरक कहानियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में प्रदर्शित की जाएंगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अतिथियों ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की और ख़्वाहिश फाउंडेशन के समर्पित प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















