कल्याणपुर क्षेत्र का नागरिक अपने घर से जीटी रोड तक पहुंचने में जितना परेशान होता है उतना तो वह बड़ी से बड़ी समस्या पर भी परेशान नहीं होता। कल्याणपुर, आवास विकास का नागरिक यदि पनकी रोड से जीटी रोड तक पहुंचाना चाहता है तो उसे जवाहरलाल स्कूल के आगे से लेकर कल्याणपुर क्रॉसिंग तक ठेलिया, ठेले वालों के अवैध अतिक्रमण के साथ-साथ ई रिक्शा, ऑटो वालों की दबंगई से जूझना पड़ता है। हालात यह हैं कि सड़क पर से गुजरते हुए एंबुलेंस में भले ही गंभीर बीमार व्यक्ति मौजूद हो पर क्या मजाल ऑटो, ई रिक्शा वाले उसे आसानी से निकलने का मौका दे दें। जिससे वह शीघ्र डॉक्टर के यहां पहुंच कर अपनी जान बचा सके। पुराना शिवली रोड व कल्याणपुर क्रॉसिंग पर पश्चिम दिशा से आने वाले आटो, ई रिक्शा जाम के बीच में आकर सड़क पर जाम को और लंबा खींचने में पूरा सहयोग करते हैं। इसी बीच अगर हम ट्रैफिक पुलिस की बात करें तो वह जीटी रोड पर मोबाइल लेकर केवल उलटी दिशा से आने वाले वाहनों या फिर बिना हेलमेट लगाए लोगों का इंतजार किया करते हैं। आखिर उन्हें भी तो अन्य नागरिकों की तरह अपने घर गृहस्थी की चिंता है। इसी के चलते पनकी रोड के जाम का आलम यह है कि कभी-कभी आधा किलोमीटर की यात्रा आधे घंटे में पूरी होती है यदि नागरिक बगिया क्रॉसिंग से निकलना चाहे तो वहां आधा फीट से लेकर एक से डेढ़ फुट के गद्दे उनकी हड्डी पसली एक करने के लिए मौजूद है। इसके बावजूद भी नागरिक अपने शरीर की चिंता ना करते हुए उस पर से अपनी जान जोखिम में डालकर जीटी रोड तक पहुंचता है। अभी कुछ दिनों से तो जो सड़क दोनों तरफ से आवागमन के लिए उपलब्ध थी अब वहाँ एक ही तरफ से दोनों तरफ के वाहनों का आवागमन जारी है। जिसमें भारी वाहनों से लेकर छोटे वाहन तक निकलते हैं। इन दोनों सड़कों से बचकर यदि आप दलहन क्रॉसिंग से निकलना चाहते हैं तो यह सिंगल रोड हर समय दुर्घटना का संकेत देती रहती है। इस रोड पर कई अंधे मोड़ हैं जिसमें जरा सी चूक होने पर हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। क्षेत्र में लाखों लोगों को घरों से कल्याणपुर जीटी रोड तक जाने के लिए यह तीन मुख्य रास्ते हैं। इन तीनों रास्तों पर से गुजर कर जीटी रोड तक जाना बहुत ही हिम्मत और कलेजे का काम है। इन सारी समस्याओं को लेकर व्यापारियों सामाजिक संगठनों क्षेत्रीय नागरिकों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया परंतु समस्या जस की तस बनी हुई है। ऐसा लग रहा है जैसे अधिकारी इन सारी समस्याओं के निजात के लिए किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं।
वंदना सिंह, कल्याणपुर, कानपुर
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















