श्री राम कथा महोत्सव आयोजन समिति जरौली के तत्वाधान में चल रही श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस पर त्रिवेणी प्रांगण में वृंदावन धाम से पधारे पूज्य संत श्री भरत शरण जी महाराज ने बताया कि जो व्यक्ति धैर्य धारण करता है उसे सफलता निश्चित ही उसे मिलती है, जिस प्रकार महाराजा दशरथ जी ने धैर्य धारण किया और चार पुत्रों की प्राप्ति हुई, जिन्होंने असुरों का विनाश करते हुए संसार का कल्याण करने का कार्य किया। महाराज जी ने बताया कि “सूखी मीन जहां नीर अगाथा, जिम हरि शरण न एकउ बाधा “महाराज जी ने बताया कि जो हरि के शरण में चला जाता है उसको किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होती श्री महाराज जी ने चतुर्थ दिवस भगवान की पवन बाल लीलाओं का वर्णन किया एवं माता कौशल्या का उद्धार किस प्रकार से हुआ। इसका सभी भक्तजनों को वृतांत सुनाया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से अंतर्राष्ट्रीय ध्रुपद गायक पंडित विनोद द्विवेदी प्रांत संघ चालक भवानी भीख तिवारी कार्यक्रम संयोजक प्रबोध मिश्रा, सुधाकर तिवारी ,संजय बाजपेई ,वीर सिंह, रणविजय सिंह,अनिल शुक्ला, रमेश द्विवेदी, पुनीत शुक्ला सहित बड़ी संख्या में राम भक्त उपस्थित रहे
देवेश तिवारी की रिपोर्ट



















