कानपुर। कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज उ०प्र० एक सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं गैर राजनीतिक संस्था है। इसका गठन फरवरी 1995 में किया गया था। इसका मूल उद्देश्य भारतीय संस्कृति भारतीय जीवन मूल्यों तथा राष्ट्र की रक्षा करना, समाज को संस्कारयुक्त बनाना तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना है। इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सन् 1995 से प्रतिवर्ष अपने वार्षिक सम्मेलन में सामूहिक यज्ञोपवीत, दहेज रहित विवाह, ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किये जा रहे हैं। इन वर्षों में यह अनुभव किया जा रहा है कि अभिभावक बालक के यज्ञोपवीत के प्रति अज्ञानवश गम्भीर नहीं हैं। वे इसे औपचारिक साधारण धागा मात्र समझ रहे हैं, जबकि यह एक वैज्ञानिम एवं आध्यात्मिक भावना से भरा हुआ है। मनुस्मृति के अनुसार यज्ञोपवीत की अधिकतम आयु 16 वर्ष निर्धारित है, उसके पश्चात उसके द्वारा सभी पूजन निष्फल हो जाता है। इसी प्रकार विवाह के सम्बन्ध में भी ब्राह्मण अज्ञानवश भ्रमित है। ऋषियों के अनुसार विवाह सब गोत्र में वर्जित न होकर पिता की सात पीढ़ी और माता की पाँच पीढ़ी तक तथा दोनों की एक नाड़ी पर भी नाड़ी दोष के तीन परिहार्य हैं। इसकी विस्तृत जानकारी प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को हमारे कार्यालय में होने वाली बैठक में प्राप्त की जा सकती है। इस वर्ष 31 बटुकों का यज्ञोपवीत एवं 11 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया है। भावी पीढ़ियों को अपनी प्राचीन परम्परा से जोड़े रखने हेतु यज्ञोपवीत एवं विवाह सनातन पद्धति से तथा घरों में अपनाई जा रही सभी परम्पराओं से ही कराये जाते हैं यह जानकारी मीडिया से बातचीत करते हुए महामंत्री यज्ञदत्त शुक्ला एवं पदाधिकारियों ने देते हुए बताया कि उक्त वैवाहिक कार्यक्रम का स्थान शिवाजी भवन शिवाजी पार्क, शिवाजी नगर, कानपुर में सायं 4.00 बजे से मातृपूजन, मण्डपरोपण एवं मंगल गीत ,7.00 बजे बरूआ भोज, छौर कर्म, यज्ञोपवीत संस्कार, परिजनों के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी 12.00 बजे समापवर्तन संस्कार 15 वर्ष की आयु तक बटुकों के माता-पिता/दादा-दादी के साथ आये हुए बटुकों का सम्मान किया जायेगा। वर यात्रा का स्वागत वर के पिता का सम्मान संस्था के बुजुर्ग पदाधिकारियों एवं कन्या के पिता द्वारा, वर की आरती संस्था सदस्यों एवं वधू के सदस्यों द्वारा किया जाएगा,वैवाहिक कार्यक्रम गोदभराई, बरीक्षा, तिलक, विवाह, कलेवा, समधौरा, बरतावन आदि सभी कार्य्रमों के साथ सम्पन्न किये जायेंगे।
इस अवसर पर रमाकान्त शुक्ल संस्थापक, संरक्षक व संयोजक रमेश पाण्डेय अध्यक्ष ,बद्री प्रसाद दीक्षित वरिष्ठ उपाध्यक्ष ,यज्ञकान्त शुक्ल महामंत्री ,श्रीमती शशी शुक्ला मंत्री, उमेश तिवारी,मनोज मिश्रा मंत्री,श्रीमती ममता तिवारी क्षेत्रीय प्रभारी ,सुधीर मिश्रा संगठन मंत्री ,सुश्री प्रियंका त्रिवेदी क्षेत्रीय प्रभारी आदि मौजूद रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















