कानपुर
ज्वाइंट सीपी आशुतोष कुमार बने गरीब बूढ़े माँ बाप के मसीहा पड़ोसियों ने पीट कर किया था अधमरा, पैसे नही थे इसलिए बेटे का उपचार नही करा सकी थी भिखारन माँ, जिसके चलते हुई थी बेटे की मौत।
अपनी जवानी की कमाई से बेटे को पालने वाला एक बूढ़ा बाप, जब उसी बेटे की निर्मम हत्या का न्याय मांगने पुलिस स्टेशन पहुंचा, तो उसे संवेदनहीनता के सिवा वहां कुछ न मिला। चकेरी थाने के पुलिसकर्मियों ने जांच का हवाला देते हुए बुजुर्ग को लगातार पाँच दिनों तक टहलाया। न्याय की आस में थका-हारा, आँखों में आँसू लिए वह बुजुर्ग पिता पुलिस स्टेशन के पास बेबस होकर फूट-फूटकर रो पड़ा। यह हृदय विदारक दृश्य कानपुर पुलिस के रवैये पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है,,,, एफआईआर की कॉपी।
बेटे की मौत की खबर सुनकर 4 दिसंबर को बिहार से कानपुर आए संतोष चौधरी तब से लगातार थाने के चक्कर काट रहे थे। हत्यारों के खुलेआम घूमने के बावजूद, पुलिस उन्हें सिर्फ जांच चल रही है। कहकर वापस भेज देती थी। रविवार और सोमवार को भी जब उन्हें न्याय नहीं मिला, तब उनकी हिम्मत टूट गई। कपकपाते हाथों से वह पुलिसकर्मियों के सामने मिन्नतें करते रहे, लेकिन पुलिस का कठोर रवैया नहीं बदला।
जब चकेरी थाने में न्याय की उम्मीद पूरी तरह टूट गई, तब बुजुर्ग संतोष चौधरी किसी से पुलिस अधिकारियों का पता पूछकर ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आशुतोष कुमार के आवास पर पहुंचे। ज्वाइंट सीपी ने जैसे ही बुजुर्ग की पूरी कहानी सुनी तो वह तत्काल हरकत में आए। उन्होंने तत्काल चकेरी थाना पुलिस को अपने आवास पर तलब किया और बुजुर्ग को उनके साथ थाने भिजवाकर आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
ज्वाइंट सीपी के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार 75 वर्षीय संतोष चौधरी की रिपोर्ट दर्ज हुई।
वहीं सन्तोष चौधरी ने थाना चकेरी पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए है कि उनकी पत्नी मौके पर थी फिर भी चकेरी पुलिस ने उनके बेटे का अंतिम संस्कार लावारिस में कर दिया।
वही इस मामले में जॉइंट सीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि थाना चकेरी पुलिस की प्रथम दृष्ट्या इस मामले में लापरवाही सामने आई है पुलिस कर्मियों की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उस पर कार्यवाही होगी।
मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















