कानपुर नगर। शारदा नगर निवासी कृष्ण बहादुर सिंह के नेतृत्व में कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि छपेड़ा चौराहा पर उनकी और कई अन्य निवासियों की लगभग एक हेक्टर जमीन को केडीए ने एक्वायर कर लिया था जिसके बाबत 2006 में केडीए उस जमीन को हार चुकी है क्योंकि केडीए ने गलत तरीके से आरोप लगाते हुए कहा,जिस पर उच्चतम न्यायालय ने पीड़ित पक्षों के पक्ष में आदेश पारित किया। उसके बाद केडीए ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली,वह नियत समय पर अपना पक्ष नहीं रख पाए। क्षेत्रीय निवासियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश पारित किया और कहा कि 6 हफ्तों के अंदर कड़ा जमीन का मुआवजा दे और उचित निस्तारण करें अन्यथा की स्थिति में किसी तरह की कोई भी सुनवाई नहीं की जाएगी। और जो लोग जहां पर काबिज हैं वह यथा स्थिति बनी रहेगी।
कृष्ण बहादुर सिंह के नेतृत्व में एक ज्ञापन लैंड एंड एक्विजिशंस कानपुर नगर को भी प्रदान किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया कि कोर्ट ने अपने आदेश में मकान की क्षतिपूर्ति राशि के साथ मय ब्याज मुआवजा देने की बात कही है। ज्ञापन लेने के पश्चात कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्यांल ने पीड़ित पक्षों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है और इस बात पर भी सहमति जताई है कि बिना मुआवजा केडीए किसी भी व्यक्ति की कोई भूमि अधिग्रहित नहीं करेगी।
माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा याचिका संख्या-37634/2025 कृष्ण बहादुर सिंह एवं 29 अन्य में पारित आदेश दिनांक 03.11. 2025 के अनुपालन के संबंध में पारित आदेश के अनुसार ही कार्रवाई होगी।
उल्लेखनी है कि दिनाक 20.3.2015 से लेकर 06.03.2025 तक 15 वर्षों तक कानपुर विकास प्राधिकरण ने अर्जन के लिये कोई भी कार्यवाही नही की जबकि किसी भी अदालत या अन्य जगह से कोई स्थगन आदेश नहीं था।
अतः सम्पूर्ण अर्जन कार्यवाही लैप्स मानी जानी चाहिये।
ज्ञापन देने वालों में के. बी. सिंह, शिवम सिंह,अतुल सिंह, विनोद त्रिवेदी, राजन शुक्ला, शहबाज सिद्दीकी, शिव नारायण सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















