कानपुर। परेड स्तिथ नारायणी धर्मशाला मे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन रविवार को गोकुल प्रसाद धर्मशाला सरसैया घाट में हुआ। इस धार्मिक आयोजन मे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महिलाओं ने श्री जगन्नाथ जी की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
प्रसिद्ध कथा व्यास परम पूज्य मंजेश कुमार कृष्ण शास्त्री जी महाराज लवकुश धाम बिठूर ने विधिवत रूप से श्रीमद् भागवत कथा वाचन का समापन किया। सच्चिदानंद स्वरूप श्री राधा रमण को प्रणाम करते हुए कहा कि वे विश्व की उत्पत्ति, पालन और संहार के कारण हैं तथा पंडित नाथी राम कपिल ने बताया कि भागवत कथा में वक्ता और श्रोता दोनों का महत्व है। उन्होंने जोर दिया कि जब जीवों के कई जन्मों के
पुण्य उदय होते हैं, तभी उन्हें भागवत कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। कथा समापन के बाद गया भोज का आयोजन किया गया जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्य यजमान श्रीमती प्रभावती,गंगा राम,शालिनी, शिव कुमार , ममता, आलोक, विजय, कुसुम, कन्हैया, कसौधन गंगाराम कसोधन, विजय कसौधन, कुसुम कसौधन, श्रीमती कुमुद कशोधन, विजय कसौधन, डॉ बी के गुप्ता, विकास कसौधन, संजय कसौधन, राहुल कसौधन, सहित भारी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।


















