कानपुर नगर
कानपुर। साइबर ठगों के एक जाल में फंसे सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी व उनकी पत्नी को लगभग 53 लाख रुपये की चपत लगी है। यह घटना रानीघाट स्थित उपवन अपार्टमेंट के निवासी, यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) से डीजीएम पद से सेवानिवृत्त हुए रमेश चंद्र और उनकी पत्नी के साथ हुई।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने पीड़ित दंपति को लगातार 39 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। इस दौरान उन्होंने कभी पुलिस अधिकारी तो कभी सीबीआई अधिकारी होने का झूठा रूप धरकर पीड़ितों को डराया-धमकाया। ठगों ने दावा किया कि पीड़ित के आधार से लिए गए सिम कार्ड से एक युवती को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित का नाम जेट एयरवेज के मालिक नवीन गोयल की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भी सामने आया है और उन्हें मुंबई जेल भेजा जा सकता है।
पीड़ित रमेश चंद्र ने जब अपनी डायलिसिस की समस्या के बारे में बताया, तो ठगों ने उन्हें घर पर ही नजरबंद रहने का आदेश दिया। इस तरह के भय और दबाव में रहते हुए दंपति ने ठगों को कुल 53 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेज दिए।
कानपुर नगर के सहायक पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने इस मामले में जांच की पुष्टि की है और नागरिकों से ऐसे किसी भी संदिग्ध फोन कॉल या दबाव पर सतर्क रहने की अपील की है।
मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















