सपा व्यापार सभा के तत्वाधान में नगर अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल की अध्यक्षता में एडिशनल कमिश्नर को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। जानकारी देते हुए जितेंद्र जायसवाल ने बताया कि जीएसटी प्रणाली को लागू हुए 4 वर्ष हो चुके हैं, वन नेशन वन टैक्स, सरल टैक्स प्रणाली के नाम पर रात को 12 बजे जोर शोर से लागू की गई जीएसटी आज देश के लिए एक अभिशाप साबित हुई है। ठीक 4 वर्ष पहले 1 जुलाई 2017 को जब जीएसटी व्यवस्था लागू की गई थी तब व्यापारियों को प्रधानमंत्री ने दिलासा दिया था की सरल टैक्स प्रणाली से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। परंतु व्यापारी पांच स्लैब वाली जटिल जीएसटी से बहुत परेशान एवं तनाव में है।जीएसटी कॉउंसिल द्वारा अभी तक 950 से ज़्यादा संशोधन किए जा चुके हैं।यह इस बात का ग्योतक है की सरकार ने जीएसटी जल्दबाजी में बिना सोचे समझे लागू की। नोटबंदी के बाद इस जटिल और व्यापार विरोधी जीएसटी लागू होने से कई प्रतिष्ठान बंदी के कगार पर पहुंच जाने के कारण करोड़ों नौजवान बेरोज़गार हो गए। विश्व बैंक तक ने कहा है की भारत में लागू की गई जीएसटी दुनिया मे सबसे जटिल है।इंस्पेक्टर राज चरम पर है। अतः इस तरह की विसंगतिपूर्ण जीएसटी से राहत देने के लिए सपा व्यापार सभा ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
विसंगतिपूर्ण जीएसटी की वजह से व्यापार के बर्बाद होने के सम्बंध में एडिशनल कमिश्नर को दिया ज्ञापन


















