जॉनसन एण्ड जॉनसन कम्पनी द्वारा अत्याधुनिक निर्मित IOL Synergy के सम्बन्ध में बताया गया।
अत्याधुनिक Synergy IOL lens का कानपुर में सर्वप्रथम प्रत्यारोपण का सफल ऑपरेशन डा. आशीष महेन्द्रा एवं डा. सीमा महेन्द्रा के द्वारा खैराबाद आई हॉस्पिटल एण्ड डा. पी. एन. महेन्द्रा आई. फाउन्डेशन के नवनिर्मित अत्याधुनिक Modular Operation Theatre में किया गया। जिसका शत प्रतिशत परिणाम दूसरे दिन ही आ गया। इस लेन्स में दूसरे लेन्स की अपेक्षा यह विशेषता है, कि इसमें (CRV) Continuous Range of Vision है। इसमें दूर, पास और उसके बीच के Range का फोकस बिल्कुल साफ होता है। दूर दृष्टि जैसे Signal, पास की दृष्टि जैसे, किताब पढना एवं बीच की दृष्टि जैसे टी.वी. देखना, कम्प्यूटर आदि पर कार्य करने में भी साफ -साफ दिखायी देता है।
खैराबाद आई हॉस्पिटल एण्ड डा. पी. एन. महेन्द्रा आई फाउन्डेशन आधुनिकीकरण के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है, जैसे 1976 में Cryo Surgery विधि द्वारा मोतियाबिन्द ऑपरेशन, एवं 1987 में IOL के प्रत्यारोपण पर अखिल भारतीय कॉन्फ्रेंस हुयी, जिसमें भारत के बडे-बडे नेत्र विशेषज्ञ आये। तब से कानपुर में लेन्स प्रत्यारोपण की शुरुआत हुयी। यहाँ Pediatric Ophthalmology (बच्चों में नेत्र रोग) का विभाग Orbis International की मद्द से उत्तर प्रदेश में सबसे पहले खैराबाद आई हॉस्पिटल एण्ड डा. पी. एन. महेन्द्रा आई फाउन्डेशन में हुआ। 1988 में भैंगेपन व बच्चों के नेत्र रोग के विषय में एक कॉन्फ्रेंस की गयी ,जिसमें जापान व इंग्लैन्ड के नेत्र विशेषज्ञों ने भाग लिया। उसके बाद न्यूयार्क के प्रो. डा. एडवर्ड एल. राब कैलिफोर्निया की प्रो. डा. कैरोलीना आदि ने यहाँ आकर न केवल गोष्ठी की, वरन मरीजों को देखा, ऑपरेशन किये व डॉक्टरों को भी सिखाया।
हमने Sight Savers International जो पहले Royal Common Wealth Society के नाम से जानी जाती थी, उसकी मदद से Low Vision Aid Centre शुरु किया, व एक मोबाइल यूनिट ज्योति रथ का निर्माण किया, जो गॉव-गॉव जाकर मरीजों को देखती व चश्मा आदि की जॉच करती थी। ऑपरेशन व जटिल नेत्र रोगियों को खैराबाद नेत्र चिकित्सालय कानपुर उपचार हेतु भेजा जाता था ।
हमारे संस्थान में विदेशो जैसे इंग्लैण्ड, अमेरिका, फ्रांस, कोरिया, जर्मनी, दुबई, यू.ए.ई आदि से अनेकानेक नेत्र विशेषज्ञ सीखने के लिये आते रहते है, व इसकी भूरि भूरि प्रशंसा .करते है|व इनके द्वारा
किये जा रहे कार्यों की सराहना करते है।
संवाददाता सुमित कुमार
कैमरा मैन अनिल कुमार


















