ध्वनि फाउंडेशन के तत्वाधान में शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की 114वीं जयंती पर गोष्ठी का आयोजन खाड़ेपुर गांव,नौबस्ता में किया गया। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी अतुल शुक्ला ने बताया कि महान क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह मात्र 23 वर्ष की उम्र में हिंदुस्तान को आजादी दिलाने के लिए हंसते हंसते फांसी पर चढ़ गए थे। शहीद-ए-आजम की जीवनी आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत का कार्य करती है।भगत सिंह ने जिस निर्भीकता के साथ अपने साथियों सुखदेव एवं राजगुरु के साथ मिलकर युवाओं को आजादी की लड़ाई के लिए सक्रिय किया, इतिहास के पन्नों में आज भी वो सुनहरे अक्षरों में लिखा है। ध्वनि फाउंडेशन द्वारा आज खाड़ेपुर गांव में भगत सिंह की फोटो पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजली दी गई। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष एड० समीर शुक्ला, पवन श्रीवास्तव, एड०मिंटू द्विवेदी, हर्षित शुक्ला, बीरू सिंह, साहिल श्रीवास्तव, रणबीर पाल, सौरभ शुक्ला, आशीष शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
शहीद-ए-आजम की जयंती पर गोष्ठी का आयोजन


















