स्टेट जी एस टी विभाग द्वारा भारी संख्या मे नोटिस भेजनें, सही जवाब देने पर भी पुनः नोटिस भेजनें व व्यापारी को कार्यालय बुलाने और सचल दल इकाईयों द्वारा छोटी सी कमी होने पर सभी कागज़ात होने के बावजूद गाड़िया विभाग लाकर व्यापारियों को परेशान व उत्पीड़न किये जाने और एस आई बी द्वारा जाँच व सर्वे के नाम पर जबरन टैक्स व पेनाल्टी जमा कराकर उत्पीड़न करने और नोटिस से पीड़ित व्यापारियों के साथ अपर आयुक्त ग्रेड 1 से उनके कार्यालय मे मिले, वार्ता की और मुख्यमंत्री व स्टेट जी एस टी के आयुक्त को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा
अपर आयुक्त ग्रेड 1 जी एस बोनाल ने नोटिस के नाम पर व्यापारियों के उत्पीड़न नहीं होने का आश्वासन दिया और जो शिकायते की गई है उनका मेरिट पर निस्तारण किया जाएगा
आज भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री ज्ञानेश मिश्र, महानगर अध्यक्ष गुरुज़िन्दर सिंह व वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने के नेतृत्व मे भारी संख्या मे पदाधिकारी, व्यापारी व उद्यमी स्टेट जी एस टी विभाग द्वारा भारी संख्या मे नोटिस भेजनें, सही जवाब देने पर भी पुनः नोटिस भेजनें व व्यापारी को कार्यालय बुलाने और सचल दल इकाईयों द्वारा छोटी सी कमी होने पर सभी कागज़ात होने के बावजूद गाड़िया विभाग लाकर व्यापारियों को परेशान व उत्पीड़न किये जाने और एस आई बी द्वारा जाँच व सर्वे के नाम पर जबरन टैक्स व पेनाल्टी जमा कराकर उत्पीड़न करने और नोटिस से पीड़ित व्यापारियों उद्यमियों के साथ अपर आयुक्त ग्रेड 1 जी एस बोनाल से उनके कार्यालय मे मिले |
पदाधिकारियों व व्यापारियों ने अपर आयुक्त ग्रेड 1 जी एस बोनाल से विस्तृत वार्ता की और उन्हें मुख्यमंत्री को व स्टेट जी एस टी आयुक्त को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा|
वार्ता मे नोटिस से पीड़ित व्यापारियों मे एक ने बताया कि नोटिस का जवाब देने के बावजूद निस्तारण नहीं हो रहा है, दूसरे ने नोटिस के उपायुक्त व सहायक आयुक्त से नोटिस के निस्तारण के बाद स्टेनो फोन करके कार्यालय बुला रहे है |तीसरे व्यापारी ने बताया कि नोटिस का जवाब देने व मिलान के बावजूद फिर नोटिस भेजी जा रही है और अन्य व्यापारियों ने भी अपनी समस्या बताई |
वार्ता मे भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री ज्ञानेश मिश्र ने अपर आयुक्त से कहा कि कानपुर महानगर मे स्टेट जी एस टी विभाग द्वारा व्यापारियों व उद्यमियों को वर्ष 2018-19,2019-20 व 2020-21 की भारी संख्या मे नोटिस भेजी जा रही है और सही जवाब देने पर भी पुनः नोटिस भेजी जा रही है और किसी न किसी बहाने से व्यापारियो व उद्यमियों को विभाग बुलाया जा रहा है जबकि जी एस टी नियमावली मे सारी सुनवाई ऑनलाइन होने व विभाग मे बुलाने का नियम नहीं है यहाँ तक कि उपायुक्त द्वारा नोटिस भेजनें का जवाब देने के उपरांत उसका निस्तारण होने के बाद उनके अधीनस्थ सहायक आयुक्त द्वारा उसी वर्ष की उसी मामले की नोटिस भेजी जा रही है, यहाँ तक कि नोटिस के निस्तारण के उपरांत उसी मामले मे मिलने के लिए उनके कार्यालय से फोन आ रहे है इसलिए अनावश्यक नोटिस भेजनें पर रोक लगाने के साथ व्यापारियों को कार्यालय मे नहीं बुलाकर उत्पीड़न बंद किया जाय |
आगे कहा कि सचल दल इकाईयों द्वारा छोटी सी कमी होने पर सभी कागज़ात होने के बावजूद गाड़िया विभाग लाकर व्यापारियों को परेशान व उत्पीड़न किया जा रहा है और गाडी लाने पर सभी कागज़ात होने के बावजूद छोटी सी भूल होने पर भी पेनाल्टी जमा करवाई जा रही है या जमा करवाने का दबाव बनाया जाता है इसी तरह एस आई बी के अधिकारी अगर किसी व्यापारी या उद्यमी के परिसर मे जाँच करने गए तो काफ़ी कुछ या सब कुछ ठीक होने पर भी टैक्स या पेनाल्टी जमा कराने का दबाव बनाते है जो कि पूर्णतया गलत है |
वार्ता मे महानगर अध्यक्ष गुरुज़िन्दर सिंह ने अपर आयुक्त ग्रेड 1 से कहा कि शहर की सीमा व बाज़ारो मे सचल दल इकाइयों की जांच पर सुबह 7 बजे से रात्रि 12 बजे तक रोक लगाने के साथ सभी कागज़ात होने पर छोटी मोटी भूल पर भी गाड़ियों को रोककर कार्यालय न लाया जाय |
महानगर वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने ने अपर आयुक्त से वार्ता मे कहा कि सर्वप्रथम एस आई बी के अधिकारियो द्वारा व्यापारी या उद्यमी के परिसर मे बिना किसी कारण जाँच न की जाय और बहुत आवश्यकता हो तो जांच करने जाने पर टैक्स या पेनाल्टी जमा कराने का दबाव न बनाया जाय |
वार्ता मे अपर आयुक्त ग्रेड 1 जी एस बोनाल ने नोटिस के नाम पर व्यापारियों के उत्पीड़न नहीं होने का आश्वासन दिया और जो शिकायते की गई है उनका मेरिट पर निस्तारण किया जाएगा |
वार्ता व ज्ञापन देने वालों मे प्रमुख रूप से भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर महामंत्री महेश सोनी, युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, महानगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह व अब्दुल वहीद, युवा महामंत्री मनोज विश्वकर्मा, प्रेम गुप्ता, शशांक दीक्षित,अतुल ओमर,पवन गौड़,अरविन्द गुप्ता,के के गुप्ता,किशोर सक्सेना, अनुराग जायसवाल, पवन गुप्ता,राकेश शर्मा,आशीष त्रिपाठी, शैलेन्द्र सिंह,मुन्ना राय,अभिषेक गुप्ता, अनुपम गुप्ता,मनीष वंसदानी,एस के चौरसिया, शैलेन्द्र सिंह सेंगर ,बालकृष्ण गुप्ता, विनोद शुक्ला, पप्पू पाठक,राजा गुप्ता,दिनेश शुक्ला, प्रमोद शुक्ला आदि थे |


















