चार अक्टूबर रविवार को नगर के सरसैया घाट पर नगर की विदुषी महिलाएं उन अजन्मी बेटियों को जलदान देकर उनके मोक्ष की कामना करेंगे जिन बेटियों को पुत्र मोह के कारण गर्भ में ही मार दिया गया।
आज बिरहाना रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस सम्पूर्ण कार्यक्रम के संयोजक मनोज सेंगर ने बताया कि आमतौर पर यह माना जाता रहा है कि महिलायें तर्पण आदि नहीं कर सकती, इस मिथक को तोड़ते हुए युग दधीचि संस्थान के नेतृत्व में वर्ष 2011 से अनवरत पितृपक्ष में सार्वजनिक रूप से महिलाओं के हाथों तर्पण कार्य सम्पन्न कराया जा रहा है, महिलाओं को वैदिक काल में जो अधिकार प्राप्त थे यह उनकी वापसी का एक प्रयास है।
चार अक्टूबर को प्रातः 10 बजे सरसैया घाट पर कार्यक्रम का उदघाटन दीप प्रज्ज्वलित पू. महापौर कै० जगतवीर सिंह द्रोण व विधायक बहन नीलिमा कटियार जी करेंगी। मुख्य पूजन अटल जी की पौत्री नंदिता मिश्रा, भावना महाना एवं अलका दीक्षित द्वारा होगा। देवपूजन महिला आयोग सदस्य डा. अनीता गुप्ता , डॉ सीमा श्रीवास्तव एवं साधना महाना करेंगी, महा आरती गोल्डी मसाले निदेशक सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, मनोज अग्रवाल एवं डा० उमेश पालीवाल करेंगे। कार्यक्रम में देहदानियों एवं अमर शहीदों के लिये भी तर्पण एवं पिण्डदान किया जायेगा। गायत्री परिवार की बहनों सहित नगर की दर्जनों विदुषी महिलाएं अपने तर्पण अधिकार का प्रयोग करेंगी। पत्रकार वार्ता में मनोज सेंगर के साथ विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्तीय अध्यक्ष राजीव महाना धर्म संघ संयोजक पं. शेषनारायण त्रिवेदी ‘पप्पू भैया, पू. सी.एम.ओ. डा. वी. सी. रस्तोगी एवं अनिल राय उपस्थित रहे।
मातृ नवमी पर मातृ शक्तियाँ करेंगी महा तर्पण


















